कोविड-19 वायरस की लड़ाई में सबसे आगे रहने वाले चिकित्सा कर्मियों के पास सबसे अहम हथियार पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) है और देश के कई हिस्सों से इसकी कमी की सूचना आ रही है। पिछले कुछ दिनों से कई विदेशी कंपनियों से डाक्टरों व अस्पताल में अन्य चिकित्सा कर्मियों के साथ ही प्रशासन से जुड़े लोगों के लिए भी पीपीई मंगवाने के लिए बातचीत चल रही थी। अब सरकार की तरफ से बताया गया है कि जल्द ही विदेशों से इसकी आवक शुरु हो जाएगी। चीन से 1.70 लाख पीपीई आ चुका है। सिंगापुर से दो लाख पीपीई 11 अप्रैल, 2020 को पहुंच जाएगा। इन दोनो देशों से कुल मिला कर 1.4 करोड़ पीपीई मंगाने की व्यवस्था की जा रही है। सरकार की योजना है कि हर हफ्ते 10 लाख पीपीई देश भर में वितरित किये जाए।
सोमवार को कुल 1.90 लाख पीपीई अस्पतालों को वितरित किये गये हैं जिसमें 1.70 लाख चीन से मंगवाया हुआ था और बाकी घरेलू स्तर पर तैयार किया गया था। देश में पहले से ही 3.87 लाख से ज्यादा पीपीई संबंधित विभागों में वितरित किये जा चुके हैं। इसके अलावा घरेलू स्तर पर तैयार किया गया दो लाख मास्क भी विभिन्न अस्पतालों में बांटे गये हैं। अभी तक 20 लाख एन-95 मास्क अस्पतालों में दिए जा चुके हैं। इसके अलावा 16 लाख एन-95 मास्क और उपलब्ध हैं। सरकार की तरफ से दी गई सूचना के मुताबिक जिन राज्यों में तेजी से कोरोनावायरस के फैलाव की सूचना आई है उन्हें पीपीई देने में वरीयता दिया जा रहा है। अभी महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना व राजस्थान पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। एम्स, सफदजंग, आरएमएल, बीएचयू, एएमयू समेत कई अस्पतालों को वरीयता के तौर पर ये सामान भेजे गये हैं।
सरकार की तरफ से दी गई सूचना के मुताबिक सिंगापुर से 80 लाख पीपीई किट्स लिया जा रहा है। इसमें सर से पांव तक कवर करने वाले सुरक्षा कवच (पहनावा) प्रमुख तौर पर शामिल है जिसकी आपूर्ति 11 अप्रैल से शुरु हो जाएगी। उसके अगले हफ्ते 8 लाख किट्स सिंगापुर की कंपनी भारत को देगी। जबकि चीन की एक दूसरी कंपनी से 60 लाख कम्पलीट पीपीई किट्स मंगाने के लिए बातचीत अंतिम चरण में है। वैसे इसमें एन95 मास्क भी है लेकिन इनकी ज्यादा मांग होने की वजह से अलग से भी इसके आर्डर दिए जा रहे हैं।
मास्क के अलावा विशेष किस्म के चश्मे का भी अलग से आर्डर किया जा रहा है। घरेलू स्तर पर भी एन 95 मास्क तैयार करने का काम जल्द ही शुरु हो जाएगा। सरकार का कहना है कि रोजाना 80 हजार मास्क बनने लगेंगे। अब सब मिला कर देखा जाए तो 1.13 करोड़ एन 95 मास्क और 1.57 करोड़ पीपीई किट्स का आर्डर होगा। ये सारे किट्स एक बार में नहीं आएंगे बल्कि हर हफ्ते दस लाख किट भारत पहुंचेगा। सरकार का कहना है कि मौजूदा मरीजों की संख्या को देखते हुए यह पर्याप्त है।